Kundli Milan · हिन्दी
कुंडली मिलान (गुण मिलान)
विवाह के लिए परंपरागत 36 गुणों का अष्टकूट मिलान: वास्तविक चंद्र स्थितियों और लाहिरी अयनांश से गणना, पूरी तरह निःशुल्क और निजी · English
36 गुण कैसे बंटे होते हैं
हर कूट विवाह के एक पहलू को परखता है: वर्ण (1) आध्यात्मिक स्वभाव, वश्य (2) परस्पर प्रभाव, तारा (3) नक्षत्र आधारित भाग्य, योनि (4) स्वाभाविक अनुकूलता, ग्रह मैत्री (5) राशि स्वामियों की मित्रता, गण (6) स्वभाव वर्ग, भकूट (7) भावनात्मक और आर्थिक तालमेल, और सबसे भारी नाड़ी (8)। गुण मिलान संपूर्ण विवाह विश्लेषण का पहला चरण है; पूर्ण विश्लेषण में मंगल दोष, सप्तम भाव और दशाएं भी देखी जाती हैं।
कुंडली मिलान से जुड़े प्रश्न
- कुंडली मिलान कैसे होता है?
- अष्टकूट गुण मिलान में वर-वधू की चंद्र राशि और जन्म नक्षत्र से आठ कूट मिलाए जाते हैं, कुल 36 गुण। 18 या अधिक गुण मिलना विवाह के लिए शुभ माना जाता है।
- कितने गुण मिलने पर विवाह करना चाहिए?
- शास्त्रों में 18 गुण न्यूनतम माने गए हैं। 18 से 24 सामान्य, 25 से 32 उत्तम और 33 से 36 सर्वोत्तम मिलान कहलाता है।
- नाड़ी दोष क्या है?
- वर-वधू की नाड़ी एक ही हो तो नाड़ी दोष बनता है और 8 में से 0 अंक मिलते हैं। शास्त्रों में इसके कई परिहार भी बताए गए हैं, इसलिए दोष दिखने पर पूर्ण कुंडली विश्लेषण कराना चाहिए।
- क्या जन्म समय के बिना मिलान हो सकता है?
- अधिकतर मामलों में हां, क्योंकि चंद्रमा लगभग एक दिन एक ही नक्षत्र में रहता है। यदि जन्म उस दिन हुआ हो जब चंद्रमा नक्षत्र बदल रहा था, तो सही जन्म समय आवश्यक हो जाता है।
- क्या यह कुंडली मिलान वाकई निःशुल्क है?
- हां, पूरी तरह। कोई साइन-अप नहीं, कोई शुल्क नहीं। पूरी गणना आपके ब्राउज़र में होती है और जन्म विवरण कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता।